चल तू आ और दिल में बस जा,,,!
चाहे तो अरमान बन गले लग जा,,,!
वजह कोई भी हो चाहत का मशवरा बन जा,,,!
इस दिल में रह कर बेहिसाब इश्क़ का ताल्लुक बन जा,,,!
रूह से बने मीठे लफ़्ज़ों को मेरे कानो में भर कर वहीं ठहर जा,,,!
कभी आए ना जिंदगी में हिसाबी पन्नो का वो साथ, ऐसी रस्म बनजा,,,!
DEAR ZINDAGI 🤗