क्यों करुं में तेरा इंतज़ार यूँ कतार में खड़े होके
क्या जूठे थे तेरे वादे हर वक़्त साथ निभानेके
माना तुझे गुरूर है अपने हुश्न पे
ए बेरहम याद रख हुश्न तेरा पल दो पल का मेहमान है
यूँ कतार में खडा हर कोई नही साथ निभाएँगा
जब तू गिरेंगी, मेरे जैसे प्यार करने वाला तुजे संभालेगा