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पढ़ने की संस्कृति को सामाजिक स्तर पर बनाए रखने हेतु सबसे पहला कदम शिक्षा के महत्व को बताना है।
समाज के हर इंसान के अंदर या भावना होनी चाहिए की
पढ़ेंगे नहीं तो बढ़ेंगे नहीं। हम जहां हैं जैसे हैं जो हैं हमें पठन-पाठन के कार्य से संबंधित प्रचार प्रसार करना चाहिए ।कि पढ़ने से दूसरों का नहीं स्वयं का विकास होता है जब तक हमारे अंदर पढ़ने की प्रवृत्ति का विकास नहीं होगा तब तक हमारी बातों का असर सामाजिक स्तर पर नहीं पड़ेगा।
पढ़ने की संस्कृति को सामाजिक स्तर पर बनाए रखने के लिए निम्न कदम उठाना चाहिए।
ग्रामीण स्तर पर पुस्तकालयों को स्थापित करना चाहिए
पढ़ाई से संबंधित प्रतियोगिताओं का आयोजन करना चाहिए।
जो शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रहे हैं उन को प्रोत्साहित करना चाहिए।
मेरा सरकार से अनुरोध है कि वेद पुराण पौराणिक कथाएं सामाजिक और नैतिक कहानियों की किताबें निम्नतम मूल्य पर वितरित की जानी चाहिए।
vp army ⚔️🇮🇳🙏🏼🌺