बहुत बेबाक आँखों में ताल्लुक़ टिक नहीं पाता ,,,!
मोहब्बत में कशिश रखने को शर्माना ज़रूरी है ,,,!
सलीक़ा ही नहीं शायद उसे महसूस करने का ,,,!
जो कहता है ख़ुदा है तो नज़र आना ज़रूरी है ,,,,!
मेरे होठों पे अपनी प्यास रख दो और फिर सोचो ,,,!
कि इस के बाद भी दुनिया में कुछ पाना ज़रूरी है ,,,!
DEAR ZINDAGI 🤗❣️