#पंक्ति
की अर्ज किया है,
समाया नहीं गया जहाँ को हर लफ्ज़ से किताबी पन्नो में,,,!
कलम की स्याही में दूरियों का फासला ना मिल सका ख़यालो से,,,!
जिंदगी में जीने के वक़्त में जी ना सका हर एक फरमाइशों से,,,!
पंक्तियों से बनी हर एक कविता में गर तेरा विश्वास होता अरमानों से,,,!
DEAR ZINDAGI ❣️