जब बुढ़ापा आया, बेटा वृद्धाश्रम छोड़ आया।
श्रेष्ठ बेटे के चक्कर में, श्रेष्ठ बेटी को गंवा दिया।।
तब जाकर अक्ल आई।।
जब बेटे ने बाप को बोझ बतला दिया।।
वो बेटी ही श्रेष्ठ निकली जिसे कभी
बचपन में घर का बोझा संभला दिया।।
आज बेटों से ज्यादा श्रेष्ठ होती है बेटियां।।
खुद दर्द सहन करती है,
मगर दो दो परिवार की सहारा बन जाती है बेटियां।।
#श्रेष्ठ