धूप में आकर सूरज की हसी रोशनी को देखो,,,,!
पेड़ों की शाखा में बैठ ठंडी घटाओ का आलम देखो,,,!
सर्दी के मौसम में फंसी सारी कायनात को देखो,,,,!
अपने जिस्म पर अंगारे जैसा करिश्मा बना कर देखो,,,!
बारिश में अपनी घटाओं को बिखेर कर नहा कर देखो,,,!
ए जिंदगी के किताबी पन्ने को हर जगह हटा के देखो,,,!
DEAR ZINDAGI 🤗❣️