अपने ज्ञान, बुद्धि, संस्कार, संस्कृति और मानवता में वृद्धि लाने के लिए हमेशा गतिमान रहो लेकिन लालच, मोह और माया में फस कर अपनी गति को अति में कभी परिवर्तित न करना।
क्योंकि गति की अति प्रगति साबित होती है पर अति की गति अधोगति साबित होती है।
#गति
-Kirtipalsinh Gohil