ए_जिंदगी आवारापन का वास्ता अब तो मंजूर करना होगा,,,,,।।।
हर एक लम्हों में जिंदगी की बरबादी का सफ़र भी देखना होगा,,,,,,।।
वो नहीं फिर भी उसकी यादो को जहन से सिमटना होगा,,,।।
अगर ना रह सके तो जहा में उसी का एक ताजमहल खड़ा करना होगा,,,,।।
DEAR ZINDAGI 💞