तेरे दिल में मैं अपने अरमान रख दूँ
आ मेरी जान, मैं तुझ में अपनी जान रख दूँ
आँखे हैं तेरी क्यों खाली खाली
बातें कहाँ गयी वो प्यारवाली
तेरे होठों पे अपनी मुस्कान रख दूँ
आँसू तेरे निकले दिल मेरा रोये
चोट लगे तुझको तो दर्द मुझे होये
तेरे ज़ख़्मों पे अपनी ज़ुबान रख दूँ
आनन्द बख्शी