सुरत ए हाल मस्त मस्त दिल, जरा़ जरा़ रखीए
गुल सा हसीन आयना दिल, जरा़ जरा़ रखीए
पाना क्या है जिंदगी, मिटने की फितरत रखीए
रुह से रुहाना मेलमिलाप दिल, जरा़ जरा़ रखीए
हसरत है उड जाना, सातवें आसमान के पार ही
ख्वाईश रुहाना परिन्दा दिल, जरा़ जरा़ रखीए
बयाँन नही हो सकता, हाल ए दिल बिरहाना
भीगी पलकों में ईन्जाऱ दिल, जरा़ जरा़ रखीए
मैं मिट जाये,तु मिट जाये, दुई का भंडा फूट जाए
एक में मिलकर एकाकार दिल , जरा़ जरा़ रखीए