इस पापी शरीर को शुद्धता न भायी
भोले तेरे चरणों की धूल रास न आयी
करके हत्याये मूक जीव जन्तुओं की
जीभा ने बड़े स्वाद ले़ ले़ कर मांस खाई
सता - सता कर अपने मात पिता को
जग मे दिखावे की खूब ख्याति कमाई
की न पूजन इक पल चेन से
रुपयों पीछे खूब दोड़ लगाई
हुआ न कभी खुद अपनों का
परायों मे बड़ी आस्था दिखाई
इस पापी शरीर को शुद्धता न भायी
भोले तेरे चरणों की धूल रास आयी
- RJ krish