ऋण है उस महानाय के
तभी तो चल रहा है महान भारत
दिया हे उस अपनी ताकतवर कलम से
तभी तो सर्व श्रेष्ठ है ए संविधान
बड़ा परिश्रम और कडी महेनत की थी
उस विश्व रत्न ने भारत के लिए
बना के संविधान कह गए एक ही बात
" संविधान कितना भी अच्छा हो पर जब तक ईसे चलाने वाले अच्छे नहीं होगे तब तक ए संविधान सही नहीं होगा "
बोद्घिस्ट , भारत रत्न , महामानव , संविधान निर्माता
बाबा भीम को सत सत नमन...........
__ Makwana jaydeep