जिंदगी
चलो हंसने की कोई , हम वजह ढूंढते हैं ,
जिधर न हो कोई ग़म , वो जगह ढूंढते हैं ।
बहुत उड़ लिए ऊंचे आसमानों में यारो ,
चलो जमीं पे ही कहीं , हम सतह ढूंढते हैं
छूटा संग कितनों का ज़िंदगी की जंग में
चलो उनके दिलों की , हम गिरह ढूंढते हैं
बहुत वक्त गुज़रा भटकते हुए अंधेरों में ,
चलो अँधेरी रात की , हम सुबह ढूंढते हैं !!!
~cp