है नमन उनको कि जो यशकाय को अमरत्व देकर
इस जगत में शौर्य की जीवित कहानी हो गए हैं
है नमन उनको कि जिनके सामने बौना हिमालय
जो धरा पर गिर पडे पर आसमानी हो गये हैं
पिता, जिसके रक्त ने उज्ज्वल किया कुल-वंश माथा
मां वही, जो दूध से इस देश की रज तोल आई
बहन, जिसने सावनों में भर लिया पतझर स्वयं ही
हाथ न उलझें कलाई से, जो राखी खोल लाई
बतियाँ, जो लोरियों में भी प्रभाती सुन रही थीं
"पिता तुम पर गर्व है" चुपचाप जाकर बोल आईं
प्रिया, जिस की चूड़ियों में सितारे से टूटते थे
मांग का सिंदूर दे कर जो उजाले मोल लाई
है नमन, उस देहरी को, जहाँ तुम खेले कन्हैया
घर, तुम्हारे परम तप की राजधानी हो गए हैं
है नमन उनको, कि जिनके सामने बौना हिमालय...
#IndependenceDay2020