हाथो से लिखे हुए खत का भी एक ज़माना था!
जब कोई दिल - ए - जुबान के अल्फ़ाज़ बड़े प्यार से खत में लिखता था!
प्यार से लिखे जज्बातों से महकता वो खत!
बेसब्री से होता इंतज़ार, कब मिलेगा वो खत!
आज ना तो वो खत है, और ना ही कोई इंतज़ार!
बस एक मोबाइल की दुनिया में सिमटकर रह गया, आज सारा संसार!