एक बार आ भी जा,
हे अगर क़ोई गीले शीकवे तो बता भी जा,
यु ना सता हमें,
क़ोई कमी हे तो केह भी जा,
चांद से चहेरे का दिदार करवा भी जा,
युह तो हे तेरी तस्वीरें हज़ार,
लेकिन तस्वीर बोलती नहीं क़ोई ग़लती मेरी,
एक बार आ भी जा,
हे अगर क़ोई गीले शीकवे तो बता भी जा,
जिंदगी आसान कर भी जा,
अब तन्हाई कब तक सही जाएँगी,
नाराज़ युह कब तक रहेगी,
कुछ खामी रही होगी मेरी,
तु आके बता भी जा,
ग़म के अंधेरों में प्यार का उजाला कर जा,
एक बार आ भी जा,
हे अगर क़ोई गीले शीकवे तो बता भी जा...