१.
पता नहीं कब छाएगा नाम किसीका होठों पे मेरे,
मेरे यार पूछ रहे ए दोस्त आखिर कब हो रहे है तेरे फेरे।
२.
नाम उसका कुछ यूं छा गया था होठों पे मेरे,
यार कहते ए दोस्त अब देर नहीं होने में तेरे फेरे।
३.
आखिरकार पा लिया उसे जिसका नाम था होठों पे मेरे,
यारों ने कहा ए दोस्त मुबारक ले हो गए तेरे फेरे।
🤭
#lips