कुछ इस तरह मुझे अपना जो तू बना ले
आंसू मेरे सारे मेरी पलको से हटा दे।
कुछ...
मैं भी खो जाऊ कभी निंदो में सो जाऊ,
अगर तू मेरे सपने अपनी पलको पर सजा दे।
कुछ...
मै साथ चालू तेरे भूलू गम और ये अंधेरे,
सांसों को मेरी गर तू अपनी सांसों में बसा के।
कुछ...
मेरे ख्वाबों का मंजर टूटा है घर वो मेरा,
मेरे दिल को अगर तू अपने घर में बसा ले
कुछ..
तेरा साथ जो मिल जाए मेरी आस ना टूट जाए,
मेरे लिए अगर तू नाई आस को बधा दे।
कुछ