हज़ारों ख्वहिशें होती हैं एक लड़की की
मेरी भी है कुछ ख्वाहिशे
लेकिन
कुछ अनजानी सी अनचा ही
राह पर खो है है
कुछ ख्वाहिश है अधूरी अब भी
सोचती हूं काश कोई होता जो कर देता सारी खवाहिसो को पूरा और फिर
तुम आए मेरी ज़िन्दगी में हज़ारों खुशियां लेकर
तुमसे मील कर ना रही कोई ख्वाहिश
बस अब तुम को पाना एक ख्वाहिश सा बन गया है