आपके कर्म और आपके कर्म के परिणाम से केवल आपको नहीं अपितु इनसे सारे संसार को भागीदार होना पड़ता है।
- किसी प्यासे को पानी पिलाने से सिर्फ उसकी प्यास नहीं बुजती बल्कि वह आगे जाके आेरो को बताता है कि आज भी ऐसे लोग है जो जरूरमंद से मुंह नहीं मोड़ते।
- किसी बुजुर्ग की सहायता करके उन्हें ये अनुभव करवा सकते है कि नई पीढ़ी अपने संस्कार और सभ्यता अभी नहीं भूली।
- माता पिता का आदर करना।
- स्त्री को सम्मान देना तथा उनके मान मर्यादा की रक्षा करना।
- अपनों से छोटों को प्यार देना और उनके विचारों को सुनना।
- मित्रों का साथ देना और जरूरत पड़ने पर उनके खिलाफ होकर उन्हें सही मार्ग दिखाना।
- मानवता नहीं भूलना।
कर्म केवल काम करना ही भी होता बल्कि आप के विचार और उन विचारों से आपका चयन भी कर्म ही है। कर्म ही धर्म है।
#कर्मा