खोई खोई सी हूं में,
ना जाने क्यूं ये दिल उदास है?
धुंधले सारे ख्वाब है,
उलझा हर खयाल है,
ना कोई दूर है ना पास है,
राह में कल कितने चिराग थे,
सामने फूलों के बाग थे,
खिलती हुई कलियां मुरझा गई,
रंग उनके मेरी यादों में रह गए,
किससे कहूं क्यूं ये दिल का हाल है?
क्यूं ये दिल उदास है?