ज़िंदगी में हर ख़ेल खेलने चाहिए लेकिन किसी की भावनाओं के साथ कभी नही खेलना चाहिए क्यूंकि
भावनाएं दिल से जुड़ी होती है,
भावनाएं जब आहत होती है तब दिल टूटता है और इसका दर्द हर किसीके हिस्से में नहीं आता जिसके हिस्से में आता है उसे संभालना मुश्किल हो जाता है।