जननायक मर्यादा शिरोमण , हम सब के प्राण श्रीराम है
सब संकट को हरने वाले , अमंगल हारी श्रीराम हैं
सुबह , शाम , और रात्रि में राम , हर आस , विश्वास में श्रीराम हैं
हर सुख , दुख और कसम में राम , हर स्वास प्रस्वास में श्रीराम हैं
हर दोस्त , दुश्मन , अपनों में राम , हर संबंध , स्वजन में श्रीराम हैं
हममें , तुममें सबमें राम , इस जगत के कण - कण में श्रीराम हैं
पांच शतक से मंद वो ज्वाला , धधक उठी सबके हिय में
शुभ शिलान्यास मंदिर का है , शुभ ज्योत जलेगी घर - घर दिए में
कितना पावन वह क्षण होगा , जब नींव पड़ेगी मंदिर की
जग में सबसे सुंदर होगा , स्वर्णिम आभा होगी मंदिर की
गौरव जो सनातन का तब था , वह अनमोल घड़ी अब आई है
जानें क्यों अब ये लगता है , खुशियों की लड़ी अब छाई है
जन्मभूमि पर मंदिर तो , अब बन के रहेगा ये सच है
उसके पहले हर दिल में मंदिर , बन है चुका ये भी सच है
छलक रहा खुशियों का सागर , हम सब के दिल में आज है
जनम - जनम से था और है , हर दिल में श्रीराम का राज है
हुंकार ज़माने में भर दो , अब हमसे जो टकराएंगे
नज़र इधर घूमी की नहीं , उससे पहले वो मिट जाएंगे
है सुकून हर दिल में अब , श्रीराम राज अब आएगा
सदियों से दूषित विष जैसा , निर्मित माहौल अब जाएगा
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#संकट