# कविता **
# विषय .रक्षाबंधन **
राखी के धागे का ,कोई मोल नहीं है ।
भाई बहन के रिश्ते का ,कोई तोड़ नहीं है ।।
द्रौपदी ने रक्षा सूत्र ,श्रीकृष्ण को बांधा है ।
उसके चीर भरने ,श्रीकृष्ण दौडे चले आये है ।।
राजा बलि को ,लक्ष्मी जी ने रक्षासूत्र बांधा है ।
अपने पति विष्णु जी ,को भाई बलि से छुडाया है ।।
माता कुंती ने अभिमन्यु ,को अमर राखडी बांधी है ।
युद्धभूमि में उसके ,प्राणों की रक्षा की है ।।
इसलिए रक्षाबंधन का ,त्यौहार अनमोल होता है ।
इसदिन भाई बहने की ,रक्षा का वचन लेता है ।।
सुख दुःख में बहना ,की सदा रक्षा करता है ।
भाई बहना का यही ,अनमोल रिश्ता रक्षाबंधन कहलाता है ।।