पूछताछ करते रहे हो अपनी बातों की... मेरे जज्बातों की... यकीन करने के लिए कुछ तो गुजारिश.. हमदर्दी होनी चाहिए, यकीन करने के लिए कुछ बातों का यकीन तो होना चाहिए... बस उसी गुजारिश के पूछताछ के फेर में घिर गए वो... प्यार कर बैठे अनजाने में.. एक अजनबी से. अपने आप से ही खुद को खो बैठे वो... ऐसी प्यार भरी बातों की कद्र होनी चाहिए पूछताछ से यदि प्यार बढे तो पूछताछ होनी चाहिए.... ब्रह्मदत्त
ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़
#पूछताछ