# पूछताछ
ज़ख्म दे कर #पूछताछ न कर तू मेरे दर्द की शिद्दत,
दर्द तो फिर दर्द है क्या कम, क्या ज्यादा,
तू तो अपना दर्द रो- रो के सुना देती है ,
मेरी तो तन्हाइयों से भी अब, तू आँख चुरा लेती है,
मुझे Frindship दिवस पर भी दे दिया ,तूने खिताब-ए-बेवफा क्योंकि,
तू जानती है कि इनकी तो आंखे सारा दर्द पी लेती है