भरी महेफिल मे जब खुद को तन्हा पाते है,
इश्क की आगोश मे ,
तुम याद आते हो ! !
माना की है सिर्फ नज़रो से दूरी,
पर दिल को भी तो खलती है तेरी कमी,
ख्वाहिशो की उम्मीदो मे,
तुम याद आते हो! !
यु तो मुस्कुराते लेते है हम,
तुम्हे हर पल पास महसुस भी कर पाते है हम,
दिन तो गुजार लेते है यु,
पर रात की तन्हाई मे,
तुम याद आते हो! !