याद रखना मेरी यह बात....
"मेरे जाने के बाद तूँ पछतायेगा।
मेरे जाने के बाद तूँ याद कर रोयेगा।
मेरे जाने के बाद तूँ चैन से न सोयेगा।
मुझ सा चाहनेवाला तूँ न पायेगा।
तूँ अपने जीवन में दुःख स्वयं लायेगा।"
तेरे संवाद तुझे मुबारक।
तुझे है पूरा हक।
कौन रोकेगा तुझे नाहक?
त्याग, समर्पण, बलिदान
वफा..... शब्द खूब किये सार्थक।
पांखण्ड के परिचायक।
तूँ है बड़ा लायक।
निजस्वार्थों के गायक।
वाह रे प्यार के उन्नायक।
वाह रे..! सच्चे चाहक।
तूँ ही प्रेम का संवाहक।
तूँ ही प्रेम पुजारी, तूँ ही आराधक।
तूँ ही है एक सच्चा साधक।
-दीपेश कामडी 'अनीस'
31/07/2020