जींदगी के हर एक मोड़ पर
बनता रहेता जो हमेंशा ढाल
बचपन में सब साथ मिलकर
करते थे बहोत ही बड़ी धमाल
उदासी में भी हमेशा हंसा देता
करता सदा कुछ ऎसा कमाल
दुश्मन भी गभराता जाता तब
विफल करे जब उनकी चाल
सुख दुख में रहेता जो संगाथ
कभी नहीं छोड़ुंगा तेरा में साथ
तेरे लिए क्या लीखे मेरी कलम?
ए दोस्त तेरी दोस्ती को #सलाम
#सलाम