ठहर जा जिंदगी कुछ पल उसकी यादो की दमन मे समेट तो लू,
मैं था उसका हू उसका रहूंगा सदा ही उसका ये अहसास उसे दे तो दू,
दिखावटी है हर चेहरा यहां तेरी चाहत मे एक अस्क नेनो से बहा तो लू,
मीटे हस्ती मेरी मिट्टी मे मिट्टी की तरह उससे पहले तेरे कुछ सपने सजा तो लू,
जांउ जब जहां से हर आखो मे अस्क हो मेरी याद मे ऐसी एक पहचान बना तो लू,
हो संकू उऋण हर कर्ज से हर इंसान से ऐसा एक मुकाम पा तो लू,
लू जब विदा तुझसे जिंदगी देखे हर युवा स्वन मुझसा बनने को एक पहचान बना तो मे लू,
ठहर जा जिंदगी एक पल तो साथ उसके बिता तो लू
#एक_अनभुली_सी_प्रेयषी