"अंकल, मुझे वो सबसे बड़ी मिठाई है वो दो।" दुकान में रोटी जितनी मिठाई देखकर 8 साल का चिंटू बोला।
"लेकिन बेटा तू अकेला इस कैसे खा पाएगा? एक काम कर तू छोटी वाली ले ले।" दुकानदार बोला।
"ले सकता हूं अंकल पर मुझे इसे अकेले नहीं खाना है तो आप वो बड़ी वाली ही दे दीजिए और उसके 5 टुकड़े भी करके दीजिए।
"क्यों? इससे तुम्हारा पेट भर जाएगा?" दुकानदार ने पूछा।
"यह पांच मिठाई के टुकड़े एक मेरे भाई के लिए, मेरी बहन के लिए और मेरे मम्मी पापा के लिए ले जा रहा हूं। अगर छोटी मिठाई लेता तो कदाचित सिर्फ मेरा पेट भरता और आनंद मिलता लेकिन अब हम सबका पेट भर जाएगा। अपनों के साथ आधा भी मिले तो भी संपूर्णता का ही अनुभव होता है।" चिंटू मिठाई लेकर हंसते खेलते निकल गया।
"बच्चे के संस्कार उसकी उम्र से भी बड़े है।" दुकानदार ने कहा।
तोह, जमीन और जायदाद को आधा आधा करने से पहले उन खुशियों को एक दूसरे में आधा करो जिससे प्यार बढ़े, सम्मान बढ़े न कि तनाव।
अधूरा ज्ञान, अधूरे संस्कार तथा अधूरी वाणी, आधे जीवन के समान होते है।
#Half