सुनो.... मेरे ना होने पर तुम बेचैन मत होना,
मैं वहीं मिलूंगी जहाँ छोटी-छोटी खुशियाँ तुम अक्सर ही नज़रअंदाज़ कर देते हो।
बच्चों की किलकारी में मेरी खिलखिलाहट तलाश लेना।
जब भी कभी सावन की पहली बारिश हो तो हमेशा की तरह बचाना मत खुद को.. मैं बूँद बन तुम पर बरस जाऊँगी..
जब भी उदास रहोगे तो रंग बिरंगा आसमान.. मेरी चुनर बन तुम्हें ढाँक लेगा..
जब भी कभी हरी घास पर नंगे पाँव चलोगे तो ओस की बूँदों में मेरा एहसास होगा..
सुबह-सुबह खिड़की से सूरज की किरणों के साथ-साथ मैं भी आऊंगी तुम्हें जगाने के लिए..
हवा का झोंका जब कानों के पास से गुजरेगा तो तुम्हें मेरे प्यार के बोल सुना जाएगा..
सुनो,
गालों पर बहते आँसू तुम्हें मेरी ही तरह प्यार से सहलाएँगे..
और जब बेचैन हो, तो चाँद को देखना.. मैं वहीं मिलूंगी तुम्हें किसी सितारे के रूप में चमकती हुई चाँद के पास ही..
खिले हुए फूलों की खुशबू मेरी मौजूदगी का एहसास देगी..
और जब कोई नज़र तुम्हें प्यार से देखेगी.. तो समझना मैं ही तुम्हें देख रही हूँ..
हर वो स्पर्श जो सीने पर ठहरेगा, मेरा ही होगा।
जब भी कभी मुस्कुराओगे, मैं तुम्हारे लवों पर हंसी बन ठहर जाऊंगी..
जब भी कभी मेरी आवाज़ सुनने का मन हो तो तुम्हारी धड़कनों की आवाज़ को सुन लेना..
तुम मुझे हर उस जगह पाओगे जहाँ प्यार और मुस्कुराहट होगी.. जहाँ तुम होगे।
मैं दिखाई ना दूँ मगर मैं हर वक़्त साथ रहुंगी किसी दुआ की तरह।
❤️
Insta- Roop_ki_baatein
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