कर्म करे मालिक बनें
म.प्र. की संस्कारधानी जबलपुर शहर में सरल, सौम्य एवं समर्पित महिला श्रीमती पुष्पा बेरी ने अपने दृढ संकल्प एवं अपने अथक प्रयासों से जरूरतमंद महिलाओं के हित में जो कार्य किया है वह प्रशंसनीय एवं वंदनीय है। उन्होंने सहकारिता के क्षेत्र में लिज्जत पापड का उत्पादन करके आज लगभग 3500 महिलाओं को रोजगार उपलब्ध करवाकर उन्हें स्वावलंबी एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में गति प्रदान की है। देश में सहकारिता के क्षेत्र में गुजरात के अमूल उद्योग के समान ही लिज्जत पापड के निर्माण ने भी अपनी अलग पहचान बनाई है। इतनी अधिक संख्या में महिलाओं से कार्य करवाना और उनका लेखा जोखा रखना अपने आप मे चुनौती है। संस्था को प्राप्त शुद्ध लाभ में से शतप्रतिशत राशि इन महिलाओं को उनके कार्य के अनुसार बांट दी जाती है। अभी तक संस्था के द्वारा 80 करोड़ से भी अधिक राशि बोनस के रूप में संस्था में कार्यरत महिलाओं को दी जा चुकी है। संस्था बेवजह के फिजूलखर्ची को नियंत्रित करके कहीं पर भी अपना विज्ञापन नही देती है।
श्रीमती बेरी का सिद्धांत है कि जो काम करे वही मालिक, जितनी मेहनत करो उतने लाभ के हकदार बनो। आज बेरोजगारी को हटाना और मानव शक्ति का समुचित उपयोग करना हमारे देश की वर्तमान आवश्यकता है। मशीनों से आधुनिकीकरण उतना ही करना चाहिए जिससे उत्पादन में गति एवं गुणवत्ता आ सके। जीवन में सफलता तभी प्राप्त होती है जब आत्मविश्वास, कडी मेहनत एवं ईमानदारी का साथ हो। आज युवा पीढी को किसी भी उद्योग के प्रारंभ करने से पहले उसकी गहराई तक उसे स्वयं पहुँचना होगा। यदि आप पानी के किनारे बैठकर तैरना चाहेंगे तो यह संभव नही है, आपको कूदना ही पडता है। वे युवा पीढी को अपना संदेश देती है कि हमारा उद्देश्य देश और समाज के हित में काम करना होना चाहिए। देश में करोडों जरूरतमंद लोग है जिनके सुख के लिए हम चुनौतियों को स्वीकार करते है और इसी से हमें मन की शांति प्राप्त होती है। यदि हमारे पास धन है किंतु शांति नही है तो वह धन हमारे किसी काम का नही हैं। उनका कथन है कि आपको आपके दो हाथ ही मंजिल तक ले जा सकते है। कभी भी दूसरों से यह अपेक्षा मत करो कि वे तुम्हें मंजिल तक ले जायेंगे। लिज्जत पापड गृह उद्योग स्वरोजगार के माध्यम से आगे बढने के इच्छुक लोगों की मदद करने हेतु सदैव तैयार है और इसके लिए संस्था अपना तकनीकी सहयोग निशुल्क देने के लिए सदैव तत्पर है।