लगता हे की यही प्यार हे|
हर दिन निकलते ही तेरी याद आती हे,
नींद आने के बाद सपनो मे भी तू आती हे,
नींद से जगाने क बाद भी तुम्हे भुला नही पता हू,
लगता हे की यही प्यार हे|
अफ़सर मे हर लड़की मे तुजे ही ढूंढता रहता हू,
कही तेरी जेसी आवाज़ तो कही तेरे जेसी आँखे पाता हू,
उसके बाद फिर से तेरी याद मे खो जाता हू,
लगता हे की यही प्यार हे|
हर पल लगता हे तू दिल से तो नज़दीक हे मगर आखो से दूर,
पूरे दिन तेरे ही ख़यालोमे खोया रहता हू,
बार बार साथ मे गुज़रा हर एक पल को याद करता रहता हू,
लगता हे की यही प्यार हे|
यू तो मे नही जानता की प्यार क्या हे,
पर जब तुज़से मिलता हू और तेरी आँखो मे देखता हू और तेरे से बाते करता हू,
तब कुछ अजबसा महसूस करता हू,
लगता हे की यही प्यार हे|