प्यार
प्यार इंसान को
सबल बनाता है
दुर्बल भी बनाता है
राजा भी रंक बन जाता है
रंक भी राजा बन जाता है।
रानी भी रंडी बन जाती है।
रंडी भी रानी बन जाती है।
चाँदनी भी चंडी बन जाती है।
मौन मुखर बन जाता है
मुखर मौन बन जाता है।
योगी भोगी बन जाता है
भोगी योगी बन जाता है।
प्यार जीने का वजूद है
मरने की वजह भी।
कोई प्यार में गिर जाता है।
कोई प्यार में ऊपर उठ आता है।
कोई प्यार में गाता है
कोई प्यार में रोता है।
कोई प्यार में पाता है।
कोई प्यार में खोता है।
-दीपेश कामडी 'अनीस'