सरल हो आदत हमारी , सरल ही पहचान हो
सरल बन हम मिलें सबसे , सरल अपनी जुबान हो
सरल हों संबंध सबसे , सरलता से बात हो
सोच अपनी सरल हो , सरल दिन और रात हो
सरलता ही सबको मोहे , मनुज हो या देवता
भाव का भूंखा प्रभू है , बात ये सबको पता
भोलेपन पर रीझते प्रभु , दिखावा न हम करें
सरलता का कर भरोसा , ढोंग बिल्कुल ना करें
कठिन कितनी हो समस्या , बात भी गंभीर हो
सरल बनकर विजय मिलती , गहरी चाहे पीर हो
सरल बनकर राम ने , जीता हृदय हर जीव का
सरलता की शक्ति कितनी , जैसे की पत्थर नींव का
जटिलता में क्यों पड़े हम , सरल बनकर हम जिएं
जीवन की कुंजी सरलता , हम सरल हो सबके लिए
#सरल