दोस्त
दोस्त वो है
जो उड़ना सिखाए
दोस्त वो है
जो हौसला बन जाए
जरुरी नहीं कि वो
हर लम्हा आपके नाम करे
दोस्त वो है
जिसके साथ गुजरा हर लम्हा ख़ास लगे
दोस्त पास हो हरदम
यह ज़रूरी तो नहीं
साथ देगा वो बुरे वक़्त में
काफी है ये एक भरोसा ही
शिकवा नहीं उस दोस्त से
जो मुझसे रूठके बैठा है
क्योंकी मनाने का हक भी
किसी अपनेका ही होता है