गुजरात पुलिस की महिला कांस्टेबल सुनीता यादव ने कर्फ़्यू के नियमों का उल्लंघन करने वाले गुजरात के स्वास्थ्य राज्यमंत्री कुमार कानानी के बेटे को रोका, वह बिना मास्क लगाए ही अपने पिता के गाडी मे जो विधायक का लोगो लगाए वाली गाड़ी मे निकला था और उस महिला कांस्टेबल ने उसे कानुन समझाया तो मामला सब उलटा हो गया, उस महिला के उपर इतना प्रैशर बढा के उसने इस्तीफा दे दिया, मामला मिडिया मे आने की वजह से फ़िलहाल सुरत पुलिस ने उनका इस्तीफा आभी स्वीकार तो नही किया और मंत्री के बेटे को अरेस्ट किया और उसे बेल तो मिल गई । सुरत पुलिस ने इसपर जांच तो करा रही है लेकिन हम सब को अच्छे तरीके से मालुम है के आगे क्या होगा !
शायद मंत्री का बेटा, देर रात मे अपने दोस्तों के साथ निकलता है, यह वहम पाले हुए गल्ली से लेकर दिल्ली तक अपनी ही सरकार है मगर जब उसे एक महिला कांस्टेबल आम लोगों की तरह कर्फ़्यू का पालन करने को कहती है तो उसका ईगो तो जरूर दुखा होगा ?
गुजरात पुलिस को चाहिए के तुरंत उस मंत्री के बेटे पर महामारी एक्ट के अनुसार कारवाई की जाए, और सुनीता यादव के साथ पुरी गुजरात पुलिस फोर्स खड़ी रहे, वरना कोई और सुनीता यादव बनने को तैयार न होगा ।
हमारे यहाँ यो पुलिस वालों ने कर्फ़्यू का उल्लंघन करने वालों का उनके डंडों से स्वागत किया, फिर भी जनता ने उनके काम को, उनके उपर के प्रैशर को देखते हुए सब सहन किया, मंत्री जी के बेटे को इतनी तो पीड़ा तो सहन नही की होगी, फिर कायको इतना रूबाब ?
आम महिला कांस्टेबल होकर इतना सही चलना यह हर किसी के बस की बात नही, सलाम है आपके काम को, हम सब साथ है आपके ।
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