#बनोगे ?
दिवानेपन की नुमाइश कर जा।
आ, छू ले मुझे ;
मैं जमीं तू बारिश बन जा !
मैं कागज की कश्ती बनू ,
तुम मुझ पर सवार हो।
दोनो साथ साथ डूब जाये
एसी कोई ख्वाहिश बन जा !
मेरे मन का जलतरंग ,
तुम छेड़ो नजाकत से !
यमन या बिहाग हो,
कोई मीठी बंदिश बन जा।
मेरा क्या मुझ में बचा ?
तेरा कितना तेरा रहा ?
दोनों को दोनों मिल जाये !
एसी कोई साजिश कर जा...
© लीना प्रतीश