#हवाhawa
सन सन सन पवन चली
तेज चली गगन चली
डार डार कांप रही
केश चली वदन चली
मन के राग राग चली
पीहू बिहाग चली
बूँद की फुहार चली
बनकर मल्हार चली
अगन बनी शीत बनी
हवा मंद मीत बनी
प्रिय संग प्रीत बखत
सांस का लय गीत बनी
धीर से गंभीर हुआ
स्थिर प्राणवात हुआ
सकल जगत ग्यात हुआ
चक्रवात शांत हुआ
© लीना प्रतीश