*फुर्सत में करेंगे तुझसे हिसाब-ए-ज़िन्दगी;*
*अभी तो उलझे है खुद को सुलझाने में...*
*इसका दिल रखा और कभी उसका दिल रखा*
*इसी कशमकश में भूल गए खुद का दिल कहाँ रखा..!!*
*दिल के सच्चे लोग कुछ एहसास लिखते है ,*
*मामूली शब्दों में ही सही,* *कुछ खास लिखते है ...!!*
*फिसलती ही चली गई एक पल भी रुकी नहीं,*
*अब जा के महसूस हुआ रेत के जैसी है जिंदगी !.*
*कौन है जिसके पास कमी नही है।*
*आसमाँ के पास भी जमीं नही है।।*
*...मंजिले आसान हो जाती है जब कोई अपना अपनेपन से कहता है -*
*...तु चिंता मत कर सब ठीक हो जाएगा*
*चलें चलकर, सुकून ही ढूंढ़ लाएँ..!!*
*ख्वाहिशें तो खत्म होने से रहीं....!!!!*
Anil mistri
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