एक बात बोलु....
होटल मे बढ़िया काँच की टेबल पर चमचमाती चीनी मिट्टी के प्लेटों में सुँदर सज़ा हुआ भोजन चाहिए,
फ़िर चाहे उसके बनने का स्थान,सामग्री,बर्तन तथा बनाने वाले कैसे भी गंदे क्यों ना हो....
कहेना का तात्पर्य सिर्फ इतना ही है की हमें उन सभी की कदर करनी चाहिए जो हमारे लिए हमारे पसंदीदा चीज़ों को बनाते है,
चाहें वो कितने भी गंदे क्यो ना हो पर हमारे लिए वो एसी सुँदर चीज़ बनाता है जिहको हमें देखते हीं पसंद आ जातीं हैं।