हाँ मेने भी प्यार किया।
उन्होंने भी प्यार किया।
सबकुछ लुटाया था मेने उस पर ,
ओर उन्होंने मेरे लिये सबकुछ लुटाया।
प्यार की हद हो गई,.....
में ओर वो नही बोले,.......कभी
ईश दुनिया वालो ने बोला!.....हमेंशा
प्यार की कभी हद नही होती।
में ओर वो जानते थे।
लेकिन इस दुनिया वाले,
कहा समज पाते है।
तब भी मेने प्यार,
करना ही सही समजा।
हद कर दी थी इस दुनिया वालो ने
मेरे रास्तेमें काँटे बिछाते बिछाते।
तब ही, मेरी चाह जाग गई।
मेरे सनम के पानेतर ओढ़ने की।
ओर इतने में ही तो,
कब मेने कफन की चादर ओढ़ ली?
पता भी नही चला। .......ओर गहरी नींद में सो गई।
कभी भी इस दुनिया वालो ने कुछ अच्छा सोचा होता जब में जाग रही थी।
ओर बड़ी दूर चल बसी थी में मेरे प्यार से,ओर दुनिया वालों से।................
✍️माही