अगर मैं उदास बनकर रहूँ,
तो जलनेवाले खुश हो जायें।
अगर उत्साही बनकर रहूँ,
तो जलनेवाले उदास हो जायें।
जीना तो मुझे है,वो भी खुश रहकर
जो सहीं मायने में अपने है ,उन्हे
मुझे उत्साही और खुश देखना ही
अच्छा लगेगा।
मेरे तनमन के स्वास्थ के यही
सही है।
तो क्यूँ न हम खुश रहे,
दुनिया की पर्वा क्यूँ करे!
#उत्साही