लोग आपसे सीख कर आपको ही नीचा दिखाने के प्रयत्न में लग जाते हैं।इस बात का परवाह नही करते कि वे आपसे ही सीखें है,अपितु वे आपको आपके ही दिए ज्ञान से आजमाने लगते हैं। यकीनन वे मुँह की खाते हैं एवंम खुद को आपसे अलग कर लेते हैं। वे कुछ सीखने के बजाए बराबरी करने में समय लगा देते हैं ।