भुला नहीं सकेंगे हम
तुम्हारे बलिदान को
तुम्हारी वो बहादुरी को
लहु भी जम जाये
ऐसी कातिल सर्द मे
तुम अडिग खड़े रहते
जहा तुम्हारी जरूरत होती
वहां तुम सदा खड़े रहते
भारत की अखंडता को
अगर कोई तोडना चाहता
तो दीवार अडिग बनकर
तुम वीरो की भाती लडते रहते
कभी पीछे से वार ना करते
तुम डरकर न पीछे हटते
बलिदान देकर देश के लिए
तूम सीने पर गोली खाते हो।
भगत सुखदेव और राजगुरु भी
देखकर गौरवान्वित होंगे की
आज भी कोई हैं ऐसा जो
मा भारती से प्रेम करे।