आज की लोकसभा में 475 सांसद करोड़पति है जो वैभव और विलास में जीते हैं आलीशान बंगलों में रहते हैं विदेशी गाड़ियों में घूमते हैं इनमें से कई ऐसे हैं जिनको राजनीति विरासत में मिली है बाप ने अपने बेटे को अपनी कुर्सी दे दी है ऐसे लोगों से हम जनता का प्रतिनिधि होने की अपेक्षा कैसे कर सकते हैं या तो यह पैसे के दम पर सत्ता हासिल कर लेते हैं या अपने बाप की कुर्सी पर बैठ जाते हैं यह 5 साल में एक बार जनता से वोट मांगने जाते हैं और फिर अगले चुनाव तक उन्हें अपनी शक्ल नहीं दिखाते ऐसे में जनता अपना दुखड़ा किसे सुनाएगी ऐसे नेता अपने निजी फायदे के लिए राजनीति में आते हैं अपने पद का फायदा उठाकर स्वयं और अपने रिश्तेदारों के लिए धन और संपत्ति उपार्जित करते हैं ऐसे नेता कभी देश का कल्याण नहीं कर सकते एक जन आंदोलन से उभरा नेता जिसमें समाज सेवा की भावना हो वही जनता का सच्चा प्रतिनिधि हो सकता है?