दिल में छिपी भावनाओं का
तूफान है ये लफ्ज़
मूसलधार बारिशी बादलों का
शोर है ये लफ्ज़
अगर जुबां पे आया तो
कतलछोर है लफ्ज़
मन की छिपी सोच का
तूफान है ये लफ्ज़
सामने वो बागी बनके
आया है ये लफ्ज़
भीतरी छाया का Asi एक
आसार है लफ्ज़
फिर वो सरे आम तबाही
करेगा ये लफ्ज़..
#બળવાખોર