Hindi Quote in Story by Sunita Agarwal

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किस्मत

आज से सोलह वर्ष पहले एक बार किस्मत ने उसे छला था और आज सोलह साल बाद एक बार फिर किस्मत ने उसके साथ छल किया था।बीस साल की रीमा सुंदर शक्ल सूरत की पढ़ी लिखी लड़की थी ।वो एक कस्बे से थी और तीन भाइयों की एक मात्र बहिन थी।अकेली बेटी होने के कारण वह घर में सबकी दुलारी थी।विवाह की उम्र देख पिता ने राजेश को उसके लिये पसंद किया।राजेश अच्छी शक्ल सूरत का था हालांकि पढ़ा लिखा ज्यादा नहीं था पर काम काज अच्छा था।रीमा शादी होकर ससुराल आई लेकिन जल्दी ही उसके सपने बिखर गए।राजेश की आदतें बहुत खराब थीं।वह शराबी कबाबी और एक नंबर का अय्याश था।अनेक औरतों से उसके सम्बन्ध थे।शराब पीकर घर में गाली गलौज व मार पीट करना उसका रोज का काम था।
अपनी माँ से भी वह बदतमीजी किया करता था।किसी तरह रो धो कर जिंदगी चल रही थी ।अब उसके दो बच्चे भी हो गए थे।जो धीरे धीरे बड़े हो रहे थे पर राजेश की आदतें दिन व दिन बिगड़तीं जा रहीं थीं।रीमा मन ही मन बहुत रोती थी और उस दिन को कोसती थी जब उसकी शादी हुई थी।औरत के हिस्से में हर तरफ़ से सिर्फ बर्बादी ही हाथ लगती है ।दो बच्चों को लेकर कहाँ जाती ? क्या करती ?भाई तो अपनी अपनी गृहस्थी में व्यस्त थे ।बूढ़े माँ बाप खुद भाइयों पर आश्रित थे।ऐसे में उसने अपने हालातों से समझौता कर लिया था।लेकिन आज ऐसा कुछ हुआ जिससे वह पूरी तरह बिखर गई।रीमा की जब आँख खुली तो देखा राजेश बिस्तर पर नहीं है।उसने सोचा शायद टॉयलेट गया होगा लेकिन काफी देर बाद भी जब वह नहीं आया तो वह घबरा गई और इधर उधर ढूंढने लगी।ऊपर छत पर एक कमरा था ।जब वह वहां ढूंढने गयी तो वहां जो देखा उसे देखकरउसके पैरों तले जमीन खिसक गई ।वहां राजेश बेसुध पड़ा था उसके मुँह से छाग निकल रहे थे ।उसके मुँह से चीख निकल गई ।राजेश को आनन फानन में अस्पताल ले जाया गया वहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था।आज सोलह साल बाद वह फिर से छली गई थी।दो छोटे छोटे बच्चों के साथ वह बिल्कुल अकेली रह गई थी ।बच्चों के सर से एक मात्र सहारा भी छिन गया था।

Hindi Story by Sunita Agarwal : 111467470
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